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सोमवार, 31 मार्च 2008

७४. हमारी हर !


हमारी हर शाम नशे मे गुजरती थी ,

हमारी हर शाम नशे मे गुजरती थी ,

एक दीन शाम नशे मे थी , और हम गुज़र गए !!